Jaguar Land Rover पर साइबर हमला: कारखाना बंद, 200,000 नौकरियों पर खतरा
सित॰ 26 2025 - व्यापार
अगर आप भारतीय राजनीति में रूचि रखते हैं, तो यह पेज आपके लिए है। यहाँ आपको कांग्रेस से जुड़ी हर बड़ी ख़बर तुरंत मिलती है—लेखों के सार, नेताओं की राय और चुनावी रणनीतियों का सरल विश्लेषण। हम सटीक जानकारी देते हैं ताकि आप बिना किसी जटिल शब्दावली के समझ सकें कि क्या चल रहा है.
हाल ही में कांग्रेस ने कई अहम बयानों को जारी किया है। प्रमुख नेताओं ने आर्थिक सुधार, रोजगार और शिक्षा पर अपने विचार साझा किए हैं। इन बयानों का असर राज्य स्तर से लेकर केंद्र तक देखा गया है। साथ‑साथ, पार्टी के भीतर नई युवा आवाज़ों की भी चर्चा बढ़ी है—जिन्हें मीडिया में अधिक जगह मिल रही है। हम उन सभी अपडेट्स को संक्षेप में पेश करते हैं जिससे आप जल्दी समझ सकें कि कौन सा मुद्दा सबसे ज़्यादा चर्चित है.
आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए कांग्रेस ने कई रणनीतियाँ तैयार की हैं। गठबंधन, उम्मीदवार चयन और कैंपेनिंग तकनीकें अब डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर भी केंद्रित हो रही हैं। हम इस प्रक्रिया को आसान शब्दों में तोड़ते हुए बताते हैं कि पार्टी किस तरह वोटर बेस को आकर्षित करने की योजना बना रही है। साथ ही, विपक्षी पार्टियों के खिलाफ उनके मुकाबले की संभावनाओं का भी विश्लेषण मिलता है.
यह पेज सिर्फ़ समाचार नहीं, बल्कि समझने का माध्यम है। हर लेख में प्रमुख बिंदु हाइलाइट किए जाते हैं—ताकि आप जल्दी पढ़ें और मुख्य बात पकड़ें। चाहे वह आर्थिक नीति हो या सामाजिक मुद्दा, हम इसे साफ‑सुथरे ढंग से पेश करते हैं।
यदि आपको किसी ख़ास विषय पर गहरी जानकारी चाहिए तो कमेंट सेक्शन में पूछ सकते हैं—हमारी टीम आपके सवालों का जवाब देती है। इस तरह आप न केवल समाचार पढ़ते हैं, बल्कि राजनीतिक माहौल को भी समझते हैं.
तो अब देर किस बात की? यहाँ से कांग्रेस के हर नए कदम पर नज़र रखें और अपनी राय बनाएं।
हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 के नतीजे आ चुके हैं और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने 48 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। जबकि कांग्रेस के खाते में 37 सीटें गई हैं। इनेलो ने दो सीटें जीतीं और कुछ निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनाव में विजयी हुए हैं। इससे पहले एग्जिट पोल्स कांग्रेस को बढ़त दिखा रहे थे, लेकिन बीजेपी ने इन पूर्वानुमानों को गलत साबित कर दिया।
और पढ़ें
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपने पहले भाषण के कुछ अंश हटाए जाने के बाद भी मजबूत रुख अपनाया और पीएम मोदी पर तीखा हमला किया। गांधी ने बीजेपी और आरएसएस पर हिंसा और नफरत फैलाने का आरोप लगाया था, जिससे सत्ता पक्ष नाराज हो गया। पीएम मोदी के साथ-साथ अमित शाह और राजनाथ सिंह ने भी गांधी के बयान का कड़ा विरोध जताया।
और पढ़ें© 2026. सर्वाधिकार सुरक्षित|