Paytm के संस्थापक विजय शेखर शर्मा ने उठाए कंपनी की समस्याओं और 2024 के बजट से उम्मीदों पर सवाल

Paytm के संस्थापक विजय शेखर शर्मा ने उठाए कंपनी की समस्याओं और 2024 के बजट से उम्मीदों पर सवाल
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Paytm के संस्थापक विजय शेखर शर्मा की आत्मस्वीकृति और भविष्य की योजनाएँ

Paytm के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय शेखर शर्मा ने हाल ही में खुलासा किया है कि कंपनी ने विभिन्न मोर्चों पर अपनी जिम्मेदारियों को सही तरीके से निभाने में कमियाँ की हैं। यह आत्मस्वीकृति तब सामने आई जब उन्होंने आरबीआई द्वारा Paytm Payments Bank पर लगाए गए प्रतिबंधों के संदर्भ में बात की। आरबीआई ने मार्च 2023 में गैर-अनुपालन की वजह से कंपनी पर प्रतिबंध लगाया था। इस प्रतिबंध के कारण बैंक के संचालन को रोक दिया गया था और वित्तीय वर्ष 2023-24 की अंतिम तिमाही में लगभग 3,500 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया था।

विजय शेखर शर्मा ने दिल्ली में आयोजित सातवें JITO Incubation and Innovation Foundation (JIIF) कार्यक्रम में बात करते हुए इस बात का स्वीकार किया कि कंपनी ने अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभाने में विफलता पाई। शर्मा ने कहा, "हमारी जिम्मेदारियाँ थीं, जिन्हें हमें बेहतर तरीके से पूरा करना चाहिए था।" यह स्वीकारोक्ति एक संकेत है कि कंपनी अपनी नीतियों और प्रक्रियाओं को सुधारने की दिशा में कदम उठाने जा रही है।

Paytm Payments Bank पर आरबीआई का प्रतिबंध

मार्च 2023 में आरबीआई ने Paytm Payments Bank पर विभिन्न गैर-अनुपालन समस्याओं के कारण कड़े प्रतिबंध लगाए। इन प्रतिबंधों के चलते बैंक के संचालन को रोक दिया गया और इससे हजारों कर्मचारियों की नौकरी चली गई। इन आरोपों के जवाब में, विजय शेखर शर्मा ने स्पष्ट किया कि कंपनी की प्राथमिकता हमेशा से अपने कर्मचारियों की भलाई रही है।

हालांकि कंपनी ने कई कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की पुष्टि की है, लेकिन शर्मा ने कर्मचारियों की बिदाई पर हमेशा सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखा है। उन्होंने कहा, "सबकुछ ठीक है और सबकुछ शानदार है।" इसके बावजूद, कंपनी पर लग रहे आरोपों और शिकायतों की समृद्धि से ऐसा लगता है कि स्थिति पूरी तरह संतुलित नहीं है।

स्टार्टअप और छोटे व्यवसायों के लिए शर्मा की उम्मीदें

विजय शेखर शर्मा ने 2024 के यूनियन बजट से अपनी उम्मीदें भी बयान की हैं। उन्होंने कहा है कि वह चाहते हैं कि सरकार स्टार्टअप्स और छोटे व्यवसायों के लिए अधिक समर्थन प्रदान करे। उनके अनुसार, यह समर्थन देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

शर्मा ने यह भी संकेत दिया कि वह Open Network for Digital Commerce (ONDC) प्लेटफॉर्म में सुधार की उम्मीद कर रहे हैं, जिससे भारत में ई-कॉमर्स नीति में बदलाव आ सकते हैं। इस पहल से न केवल बड़े खिलाड़ियों को बल्कि छोटे व्यवसायों और स्टार्टअप्स को भी फायदा हो सकता है।

कर्मचारी मुद्दे और समाधान

कंपनी ने हाल ही में One97 Communications, जो Paytm की पेरेंट कंपनी है, से भी कुछ कर्मचारियों को निकाल दिया है। हालांकि संख्या का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन इससे स्पष्ट होता है कि कंपनी अपने मानव संसाधनों में भी सुधार कर रही है।

इन घटनाओं के चलते कुछ कर्मचारियों ने मजदूर एवं रोजगार मंत्रालय में शिकायतें दर्ज कराई हैं कि उन्हें बिना वेतन दीक्षा के नौकरी से निकाल दिया गया है। इन शिकायतों पर विजय शेखर शर्मा ने कहा है कि कंपनी ने हमेशा अपने कर्मचारियों की भलाई को प्राथमिकता दी है और इस दिशा में उचित कदम उठाए जाएंगे।

आने वाले महीनों की योजना

विजय शेखर शर्मा ने अपने अनुभवों और भविष्य की योजनाओं के बारे में भी बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि कंपनी अपनी नीतियों और प्रक्रियाओं में सुधार करने की दिशा में कार्य कर रही है। इसके अलावा, शर्मा ने 2024 के यूनियन बजट से भी कई महत्वपूर्ण सुधारों की उम्मीद जताई है, जो न केवल Paytm बल्कि देश के समस्त डिजिटल और छोटे व्यवसायों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं।

आने वाले महीनों में, यह देखना दिलचस्प होगा कि कंपनी किस प्रकार से अपने संचालन में बदलाव करती है और नीतियों में सुधार लाती है। शर्मा के इस आत्मविश्लेषण से स्पष्ट होता है कि कंपनी अब अपने भविष्य को और अधिक संरचनात्मक और पारदर्शी बनाने की दिशा में अग्रसर है।

अंजलि सोमवांस

लेखक के बारे में

अंजलि सोमवांस

मैं एक स्वतंत्र पत्रकार हूँ जो भारत में दैनिक समाचारों के बारे में लिखती हूँ। मुझे लेखन और रिपोर्टिंग में गहरी रुचि है। मेरा उद्देश लोगों तक सटीक और महत्वपूर्ण जानकारी पहुँचाना है। मैंने कई प्रमुख समाचार पत्रों और वेबसाइट्स के लिए काम किया है।

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